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Invesment क्या होता है और इन्वेस्टमेंट कैसे करे

Invesment क्या होता है और इन्वेस्टमेंट कैसे करे
What Is Lump Sum Meaning In Hindi

Investment Tips: इस तरह करें इन्वेस्टमेंट, तो आपका पैसा हो जाएगा डबल, ऐसे समझे क्या है फंडा

आज कल लोगों को अपना पैसा सही जगह इन्वेस्टमेंट (Investment) करने पर ज्यादा ध्यान देना पड़ता है, क्योकि डिजिटल फ्रॉड (Digital Fraud) के मामले काफी बढ़ गए है.

By: ABP Live | Updated at : 11 Aug 2022 06:31 PM (IST)

Edited By: Sandeep

Investment Planner in India : आज कल लोगों को अपना पैसा सही जगह इन्वेस्टमेंट (Investment) करने पर ज्यादा ध्यान देना पड़ता है, क्योकि डिजिटल फ्रॉड (Digital Fraud) के मामले काफी बढ़ गए है. वही दूसरी ओर शेयर बाजार (Share Market) में भारी उतार-चढ़ाव का दौर चल रहा है. सभी निवेशकों की हिम्‍मत पैसा लगाने की नहीं होती है.

Investment Double
ऐसे में सुरक्षा की गारंटी के साथ अपने निवेश को दोगुना करने के लिए आपको लंबा इंतजार करना पड़ता है. ऐसे में आपके मन में यह सवाल उठता होगा कि आखिर कौन सा निवेश का विकल्‍प है जो सुरक्षा के साथ जल्‍दी पैसों को डबल बना दे.

NPS Tier-2
अगर सुरक्षित निवेश विकल्‍पों पर नजर डालें तो इसमें Fixed Deposit, PPF, Sukanya Samriddhi Yojana, Kisan Vikas Patra (KVP), National Savings Certificate (NSC) and National Pension Scheme (NPS) Tier-2 जैसे ऑप्‍शन आते हैं. इक्विटी म्‍यूचुअल फंड में जुलाई में सिर्फ 8,898 करोड़ का निवेश है, जो 9 महीने में सबसे कम है. ऐसे में सुरक्षित विकल्‍प का महत्‍व बढ़ जाता है, आप अपना पैसा कहां लगाएं, इसे एक्‍सपर्ट के नजरिये से देखें.

Mutual Fund
बैंकबाजार डॉट कॉम (bankbazaar.com) के सीईओ आदिल शेट्टी का कहना है कि ज्‍यादातर निवेश विकल्प पैसा डबल कर सकते हैं. पैसा डबल होने में समय कितना लगेगा. कुछ म्‍यूचुअल फंड (Mutual Fund) योजनाएं 4-5 साल में डबल करने की क्षमता रखती हैं. सरकारी निवेश विकल्पों में जोखिम नहीं है पर पैसा जल्दी डबल करना है तो जोखिम लेना होगा और बाजार से जुड़े विकल्पों में निवेश करना होगा.

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क्या है नियम
आपका पैसा कितने साल में दोगुना होगा. रूल ऑफ 72 Formula यह जानने का आसान तरीका है. इसके तहत आप अपने निवेश पर मिल रहे ब्याज दर से 72 में भाग देते हैं. आपने 4 फीसदी सालाना ब्याज दर पर किसी बैंक में फिक्स्ड डिपॉजिट (Fixed Deposit) कराई है तो इसके दोगुना होने में 18 साल लगेंगे. इसके लिए आपको 72 को 4 से भाग देना होगा, जिसका परिणाम 18 होगा. ऐसे निवेश करें, ये है निवेश का तरीका.

Bank and FD
रिजर्व बैंक के रेपो रेट बढ़ाने के बाद अधिकतर बैंक अपनी एफडी की ब्‍याज दरों में बढ़ोतरी कर रहे हैं. इस समय एफडी पर औसतन 6 फीसदी का ब्‍याज मिल रहा. ऐसे में यहां आपका पैसा डबल होने में करीब 12 साल लग जाएंगे.

PPF
पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) भी निवेश का बेहतर तरीका है और इस पर अभी सालाना 7.1 फीसदी दर से ब्याज मिल रहा है. लिहाजा इसमें आपके पैसे दोगुना होने में 10.14 साल लगेंगे.

Sukanya Samriddhi Yojana: अगर आप अपनी बेटी के नाम पर सुकन्‍या खाता खुलवाते हैं तो 9.4 साल में आपका पैसा दोगुना हो जाएगा. अभी सुकन्‍या योजना में सालाना 7.6 फीसदी की दर से ब्‍याज मिल रहा है.

KVP- यानी किसान विकास पत्र भी निवेश के लिए बेहतर सरकारी योजना है. इस पर अभी सालाना 6.9 फीसदी की दर से गारंटीड ब्‍याज दर मिल रही है. ऐसे में यह विकल्‍प 10.43 साल में आपके पैसे को दोगुना कर देगा.

NPS- नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (NPS) भी सरकार की ओर से चलाई जाने वाली लघु बचत योजना है और इस पर अभी सालाना 6.8 फीसदी की दर से ब्‍याज मिल रहा है. ऐसे में आपके पैसे 10.58 साल में दोगुना हो जाएंगे.

NPS Tier-2 : नेशनल पेंशन स्‍कीम का यह खाता हर किसी के नाम खोला जा सकता है. इसे निजी और सरकारी दोनों क्षेत्रों में काम करने वाले या प्रोफेशनल भी खोल सकते हैं. पिछले कुछ साल का रिकॉर्ड देखें तो 50 फीसदी से ज्‍यादा निवेश इक्विटी में करने वाले फंडों ने इस खाते को 10 से 12 फीसदी का रिटर्न दिया है. अगर हम 10 फीसदी सालाना का भी रिटर्न देखें तो आपके पैसे 7.2 साल में दोगुना हो जाएंगे.

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Published at : 11 Aug 2022 06:31 PM (IST) Tags: Share Market Investment Mutual fund fixed deposit Investment Planner in India bankbazaar हिंदी समाचार, ब्रेकिंग न्यूज़ हिंदी में सबसे पहले पढ़ें abp News पर। सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट एबीपी न्यूज़ पर पढ़ें बॉलीवुड, खेल जगत, कोरोना Vaccine से जुड़ी ख़बरें। For more related stories, follow: Business News in Hindi

SIP क्या है इसके अन्दर इन्वेस्टमेंट कैसे करे What Is SIP In Hindi

sip meaning in hindi आज बहुत से लोग investment करना चाहते है और सभी के लिए मार्किट के अंदर बहुत से इन्वेस्टमेंट ऑप्शन भी है लेकिन सभी investment ऑप्शन के अलग अलग फीचर और बेनीफिट है कोई हाई रिटर्न देते है तो उसके अंदर रिस्क ज्यादा है लेकिन कुछ के अंदर काम रिटर्न है तो वही कम रिस्क वाले है इस तरह सभी प्लान का कोई फायदा होता है तो उसके कुछ नुकसान भी मिलते है और कुछ इन्वेस्टर अच्छा प्रॉफिट लेना चाहते है चाहे उसमें कितना भी रिस्क हो लेकिन कुछ इन्वेस्टर कम रिटर्न वाले प्लान में investment करते है क्योंकि वही इतना रिस्क नहीं उठाना चाहते है sip meaning in hindi

 sip meaning in hindi

लेकिन जितना रिस्क उठा सकते हो उतना ही प्रॉफिट भी पा सकते हो इसलिए कहा जाता है कि more risk more profit और यह सही भी है इसलिए यदि आप भी कोई आसान सी जगह investment करना चाहते है जिसके अंदर रिस्क भी कम है और आप आसानी से investment कर सकते है.

SIP (Systematic Investment Plan) क्या है ? sip meaning in hindi

तो आज हम आपको एक investment करने का एक आसान सा ऑप्शन बताते है जो इन्वेस्टर शेयर मार्किट में investment नहीं करना चाहते है वो लोग Mutual fund में SIP के through इन्वेस्टमेंट कर सकते है. SIP का पूरा नाम Systematic investment plan है ये बहुत ही आसान तरीका है investment का आपको को डेली मार्केट के बारे में जानने की जरूरत नही पड़ेगा और आप इसके अंदर इन्वेस्टमेंट करके अच्छा प्रॉफिट कमा सकते है और आप चाहो उतनी इन्वेस्टमेंट कर सकते है

और जिन लोगो को शेयर मार्किट के बारे इतनी इनफार्मेशन नहीं है उनके लिए SIP के थ्रू investment करना एक अच्छा ऑप्शन है.जिससे इन्वेस्टर का रिस्क कम हो जाता है SIP में इन्वेस्ट एंड सेविंग एक ऐसा रूल है. जिसके थ्रू कोई भी इन्वेस्टर एक फिक्स टाइम में फिक्स अमाउंट अपने Choose किये शेयर या म्यूच्यूअल फण्ड में इन्वेस्ट कर सकता है गोल्ड जैसे कमोडिटी में भी SIP के थ्रू इन्वेस्ट किया जा सकता है SIP से investment करने से पहले उसके रूल एंड रेगुलेशन से इन्वेस्ट करना आसान हो जाता है और investment का रिस्क भी कम होता है.

इसलिए आज बहुत से इन्वेस्टर इसके अंदर investment करते है . क्योकि एक तो इसमें investment करना आसान है और दूसरा इसके अंदर रिस्क बिलकुल कम होता है और इसके अंदर छोटी छोटी investment करी जा सकती है तो इन्वेस्टर को स्टार्ट में तो क्या पता अट्रॅक्टिवे न लगे लेकिन जब एक बार आदत पड़ जाती है तो आप अच्छी बचत कर सकते है. SIP के अन्दर 1000 rupee महीने की इन्वेस्टमेंट 9% की रेट से 10 years में बढ़कर 6.69 लाख रुपया और 30 years में 1 7.38 लाख और 40 years में 44.20लाख तक जा सकती है sip meaning in hindi

SIP Investment करने के फायदे

Small Investment

इसके अंदर आप एक फिक्स पीरियड के हिसाब से एक फिक्स्ड अमाउंट की investment करनी पड़ती है इसलिए इसके अंदर investment के लिए रुपया निकलना आसान है और आप लॉन्ग टाइम तक छोटी छोटी investment करके आप बड़ी सेविंग कर सकते है जिस से आप 10% रेट के हिसाब 1000 रुपया महीने की investment के हिसाब से आप 15 years में 414,470 rupee ले सकते है और 20 years 759,369 रुपया तक रिटर्न ले सकते है.

Investment करने में आसानी

SIP में इन्वेस्टमेंट करना बहुत आसान है क्योंकि इसके अंदर एक बार investment करके आप एक फिक्स डेट को कॅश या आप अपने किसी अकाउंट के सीधे पैसे ट्रांसफर कर सकते है.

Rupee Cost Averaging

SIP के अंदर मार्किट के अन्दर आने वाले इन्फ्लेशन के रिस्क को काम करता है यह लोग टाइम टाइम के लिए अच्छा रिटर्न प्लान है और इसके अंदर कॉस्ट के Averaging में भी हेल्प मिलती है और Outright Regular investment के टाइम NAV कम होता है तो आप ज्यादा यूनिट खरीद पाते है और तो आप ज्यादा यूनिट खरीद पाते है और NAV ज्यादा होने पर आप कम यूनिट खरीद सकते है और averaging के कारण investment की एवरेज कॉस्ट काम हो जाती है. और इस से मार्केट रिस्क भी कम हो जाता |

Systematic Investment

SIP में app minimum 500 rupess amount से स्टार्ट कर सकते है और छोटी छोटी investment फिक्स्ड गैप के अंदर की जाती है और छोटी investment आप डिसिप्लिन से कर सकते है. औरआप investment हमेशा लॉन्ग टर्म के लिए रखे इसमें आपको रिटर्न अच्छा मिलेगा |

Benefits of SIP Investment

Low Risk

SIP से investment में रिस्क बहुत कम होता है क्योंकि आप इसके अंदर छोटी investment कर सकते है क्योंकि इसके अंदर आपकी investment को कोई इक्विटी के अंदर इन्वेस्ट नहीं की जाती है तो इस से आपकी investment के ऊपर मार्किट का कोई इफ़ेक्ट नहीं होता है.

Tax Rebate

इसके अंदर आपको टैक्स रिबेट भी मिलती है इसमें investment करने पर और निकलने पर कोई टैक्स नहीं लगता है

liquidity

इस फण्ड में लिक्विडिटी होती है आप कुछ investment के बाद उस्समे से पैसा निकाल सकते है तो यदि आप कम रिस्क वाली छोटी investment करना चाहते है तोह इसके अंदर आप investment कर सकते है

हमें उम्मीद है की हमारे द्वारा बताई गयी SIP के बारे में जानकारी आपके काम आएगी .और यदि जानकारी अच्छी लगे तो शेयर करे और यदि कुछ पूछना हो तो कमेंट करे.

घर बैठे म्यूचुअल फंड में कैसे करें निवेश और किस म्यूचुअल फंड में लगाएं पैसा?

बाजार में उतार चढ़ाव के बीच म्यूचुअल फंड में निवेश ज्यादा बेहतर विकल्प

Written by: Sarabjeet Kaur
Updated on: June 22, 2020 20:24 IST

Mutual Fund investment- India TV Hindi News

Photo:GOOGLE

Mutual Fund investment

नई दिल्ली। कोरोना संकट में आर्थिक स्थिति बिगड़ने से लोग पहले के मुकाबले निवेश को लेकर ज्यादा जागरूक Invesment क्या होता है और इन्वेस्टमेंट कैसे करे हो गए हैं। निवेशक अब अपना पैसा सुरक्षित और सही जगह पर लगाना चाहते हैं। ऐसे में जानकारों का मानना है कि जिन्हें शेयर बाजार का ज्यादा ज्ञान नहीं है उनके लिए आज भी म्यूचुअल फंड निवेश के लिए एक बेहतर विकल्प साबित हो सकता हैं। ऐसे में कई लोग हैं जो घर बैठे ही बिना किसी ब्रोकर या एजेंट की मदद से म्यूचुअल फंड में पैसा लगाना चाहते हैं। अगर आप भी चाहते हैं बेहतर तरीके से म्यूचुअल फंड में ऑनलाइन निवेश करना और जानना चाहते हैं कि वो कौन से ऐसे म्यूचुअल फंड है जहां आपको पैसा लगाना चाहिए तो पढ़िए ये खास रिपोर्ट।

कैसे करें म्यूचुअल फंड में निवेश?

· किसी भी म्यूचुअल फंड में निवेश करने से पहले ये जानना जरुरी है कि म्यूचुअल फंड आखिर होता क्या है? निवेशकों से लेकर म्यूचुअल फंड कंपनियां शेयर बाजार में पैसा लगाती है और उसके बदले निवेशकों से उसका चार्ज भी करती हैं। माना जाता है कि एसआईपी के जरिए यानी की सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान के जरिए म्यूचुअल फंड में निवेश करना काफी सही रहता है।

· निवेशक जिस भी म्यूचुअल फंड में निवेश करना चाहते हैं उसके वेबसाइट में सीधे जाकर या फिर ब्रोकर के जरिए निवेश कर सकते हैं

· लेकिन, अगर बिना किसी ब्रोकर के कमीशन चार्ज दिए आप म्यूचुअल फंड में निवेश करना चाहते हैं तो कई मनी ऐप के जरिए निवेश किया जा सकता है

· ध्यान रहे कि आप जिस भी म्यूचुअल फंड को किसी ब्रोकर की मदद से लेंगे उसे रेगुलर प्लान कहा जाएगा जिसमें आपको कमीशन चार्ज देना पड़ेगा

· वहीं अगर आप खुद से फंड में निवेश करते हैं तो वो डायरेक्ट प्लान के अंदर आएगा और किसी तरह का कमीशन चार्ज नहीं होगा। लंबी अवधि के निवेशकों को खुद से निवेश करने में ज्यादा फायदा होता है।

· निवेशकों को बस सही तरीके से फंड के बारे रिसर्च करना जरुरी होता है। वहीं ये भी जानना है आवश्यक होता है कि किन शेयरों में कंपनी ने पैसा लगाया हुआ है

· म्यूचुअल फंड में निवेश के लिए अपने KYC को अपडेट करना पड़ता है। जैसे ही आप पैन नंबर के साथ आधार नंबर की डिटेल्स देंगे आपके निवेश की सारी जानकारी फंड हाउस को मिल जाएगी

· घर बैठे कई मोबाइल ऐप जैसे कि ET Money, PAYTM Money, CAMS, KTrack Mobile app, Groww, Zerodha Coin जैसे ऐप के जरिए डायरेक्ट निवेश कर सकते हैं

· ध्यान दें कि पहले इन ऐप की जानकारी अच्छी तरह से लेना अनिवार्य है

· पता कर लें कि ऐप कितने सहीं है और इन ऐप के जरिए पैसा म्यूचुअल फंड में लगाना कितना सुरक्षित है

· कुछ मोबाइल ऐप नाम मात्र का कमिशन चार्ज करते हैं जिनका असर निवेशकों की रकम पर कुछ खास नहीं पड़ता है।

पैसाबाज़ार डॉट कॉम के डायरेक्टर एंड ग्रुप हेड (इंवेस्टमेंट) साहिल अरोड़ा के मुताबिक- “अब कोई भी व्यक्ति मोबाइल ऐप या विभिन्न ऑनलाइन फाइनेंशियल पोर्टल, फंड हाउस, एमएफ डिस्ट्रीब्यूटर और आरटीए की वेबसाइट द्वारा म्यूचुअल फंड में ऑनलाइन निवेश कर सकता Invesment क्या होता है और इन्वेस्टमेंट कैसे करे है। हालांकि, फंड हाउस और आरटीए की वेबसाइटों या ऐप के माध्यम से निवेश कई आईडी और पासवर्ड के कारण बोझिल हो सकता है। इसलिए, ऑनलाइन निवेश करने का सबसे अच्छा तरीका ऑनलाइन फाइनेंशियल मार्केट पोर्टल के माध्यम से निवेश करना है, जो निवेशकों को एक ही एमएफ पोर्टफोलियो के अंतर्गत कई म्यूचुअल फंड में अपना निवेश करने में सक्षम बनाता है”।

· ऑनलाइन फाइनेंशियल मार्केट पोर्टल या ऐप के जरिए निवेशक कई सेवाओं का फायदा उठा सकता है।

· निवेश का निर्णय लेने में निवेशकों की मदद करने के लिए अपनी ओर से कुछ एमएफ फंड की सिफारिश करते हैं, बाज़ार विश्लेषण, विभिन्न एमएफ टूल, कैलकुलेटर भी प्रदान करते हैं

· साहिल का कहना है कि “म्यूचुअल फंड और फंड बाज़ार की जानकारी ना रखने वाले भी इन ऑनलाइन फाइनेंशियल मार्केट पोर्टल के माध्यम से बिना कोई अतिरिक्त पैसा दिये डायरेक्ट प्लान में निवेश कर सकते हैं”

कौन से म्यूचुअल फंड में करें निवेश?

चार तरह के म्यूचुअल फंड्स हैं जिनमें निवेश किया जा सकता है।

1.इक्विटी म्यूचुअल फंड

2.डेट म्यूचुअल फंड

3.हाइब्रिड म्यूचुअल फंड

4.सॉल्यूशन ओरिएंटेड म्यूचुअल फंड

हालांकि, बाजार में उतार-चढ़ाव काफी देखने को मिल रहा है ऐसे में निवेशकों को अपने जरुरत Invesment क्या होता है और इन्वेस्टमेंट कैसे करे के हिसाब से किसी भी तरह के म्यूचुअल फंड में निवेश करने की सलाह दी जाती है। काफी फंड्स से NAV में गिरावट देखने को भी मिल रही है। इसलिए, जो बेहतर रिटर्न वाले म्यूचुअल फंड्स हैं उनमें लंबी अवधि के लिए मौजूदा स्तर में निवेश किया जा सकता है।

बैंक बाजार डॉट कॉम के सीईओ आदिल शेट्टी कहते हैं- “लंबी अवधि के निवेश के लिए म्यूचुअल फंड्स को अच्छी तरह से जांच लें और उनके द्वारा शेयर बाजार में कंपनियों के निवेश, फंडामेंटल्स को देख लें। साथ ही बाजार के हिसाब से क्या सही है क्या गलत उसकी पूरी जानकारी नोट करते रहें। अगर अगले 6 महीनों में उन फंड्स में कोई बेहतर बदलाव नहीं दिखे तो फिर से एक बार दूसरे फंड्स की भी जानकारी लें या फिर कुछ दिन उन्ही फंड्स में निवेश को बरकरार रखें। अगर आप किसी तरह के रिस्क को नहीं ले सकतें तो किसी और बेहतर म्यूचुअल फंड में लंबे या मध्यम अवधि के लिए पैसा लगा सकते हैं”।

छोटी अवधि के निवेशकों को सलाह है कि वो थोड़ा बाजार के संभलने का इंतजार करें और धीरे-धीरे अपने इक्विटी इनवेस्टमेंट को डेट फंड्स में निवेश करके बदलें।

शेट्टी के मुताबिक-“ज्यादातर निवेशकों को सलाह है कि वो कुछ 6 महीने तक बाजार की चाल को ध्यान से देखें। उसके बाद ही निवेश करें ताकि बेहतर रिटर्न मिल सके”।

म्यूचुअल फंड्स जिनमें निवेश किया जा सकता है:

· अगर मल्टी कैप फंड की बात करें तो इन्वेसको इंडिया कॉण्ट्रा फंड, एक्सिस मल्टीकैप फंड और आईसीआईसीआई प्रुडेंशियल मल्टीकैप फंड में निवेश करें

· निफ्टी 100 इन्डेक्स, आईसीआईसीआई प्रुडेंशियल निफ्टी इन्डेक्स और निप्पॉन इंडिया इन्डेक्स निफ्टी फंड

· अल्ट्रा-शॉर्ट फंड में निवेश करना चाहते हैं तो आईसीआईसीआई प्रुडेंशियल अल्ट्रा-शॉर्ट फंड, एक्सिस अल्ट्रा-शॉर्ट टर्म और आईडीएफसी अल्ट्रा-शॉर्ट टर्म निवेश के लिए सही विकल्प है

· अगर निवेशक इनकम टैक्स के सेक्शन 80C के तहत टैक्स बचना चाहते हैं, वो ईएलएसएस फंड जैसे कि – मीराए एसेट टैक्स सेवर, इन्वेस्को इंडिया टैक्स, एक्सिस लॉन्ग टर्म इक्विटी या आईसीआईसीआई प्रुडेंशियल लॉन्ग टर्म इक्विटी में लॉक-इन करके निवेश कर सकते हैं।

साहिल अरोड़ा ये भी कहते हैं कि –“मल्टी-कैप फंड में निवेश करें क्योंकि वो बाज़ार में सभी क्षेत्रों और मौजूद सभी छोटी-बड़ी कंपनियों में निवेश कर सकते हैं, उनके ऊपर निवेश के लिए सेबी द्वारा कोई सीमा नहीं लगाई गई है। निवेशकों को अपना 20% इन्डेक्स फंड में भी निवेश करना चाहिए क्योंकि इन फंड का रिटर्न संबंधित बेंचमार्क के साथ घटता-बढ़ता है और बेंचमार्क इन्डेक्स में मौजूद कंपनियों की जितनी हिस्सेदारी होती है फंड का निवेश उनमें उसी तरह बटा होता है।

इसलिए अगर मैनेज फंड बाज़ार में मंदी के दौरान लाभ नहीं कमा पाते हैं तो निवेशक इन्डेक्स फंड के द्वारा बाज़ार में उछाल आते ही तुरंत लाभ कमा सकता है।

तीन वर्ष से कम के निवेश के लिए, निवेशकों को अल्ट्रा-शॉर्ट ड्यूरेशन डेट फंड में निवेश करना सही विकल्प है। छोटी अवधि में इक्विटी में बहुत ज़्यादा उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है हैं और कोरोना के वजह से शेयर बाज़ार में मंदी कब तक रहेगी ये कहना फिलहाल किसी भी जानकार के लिए मुश्किल है। ऐसे में अल्ट्रा-शॉर्ट ड्यूरेशन डेट फंड इक्विटी-फंड के मुकाबले अधिक सुरक्षित होते हैं और बैंक फिक्स्ड डिपॉज़िट से अधिक रिटर्न देते हैं।

किसी भी फंड में निवेश करने से पहले अपने निवेश सलाहकार की जानकारी अवश्य लें। साथ ही हर फंड का 3-5 साल का प्रदर्शन जरुर देखें। कंपनी के बेंचमार्क के साथ फंडामेंटल्स को जांच लें ताकि भविश्य में ज्यादा नुकसान झेलना नहीं पड़े। बेंचमार्क अगर लगातार किसी फंड का बेहतर प्रदर्शन कर रहा है तो उस फंड हाउस में निवेश करना बेहतर रिटर्न दे सकता है। साथ ही निवेश से पहले ऑनलाइन ब्रोकरेज हाउसेज द्वारा फंड्स को दिए गए रेटिंग और रिटर्न को चेक जरुर करें।

सिप (SIP) क्या है

हमारे देश में उच्च वर्ग, मध्यम वर्ग और निम्न वर्ग के लोग रहते है, और लगभग सभी वर्ग के लोग अपनी आय के अनुसार बचत अवश्य करते है ताकि आवश्यकता पड़ने पर उस धन का उपयोग किया जा सके | लोगो द्वारा की जानें वाली यह बचत विभिन्न रूपों शार्ट टर्म या लांग टर्म में की जाती है | कुछ लोग बैंक में भी बचत करते है, जबकि कुछ शेयर मार्केट में भी इन्वेस्टमेंट करते है | सही जगह इन्वेस्ट किया गया धन समय के साथ बढ़ता जाता है, जबकि पैसा इन्वेस्ट करनें में जरा सी भी असावधानी होनें पर लोगो का पैसा डूब जाता है |

अधिकांश लोगो को यह जानकारी नहीं होती है जहाँ वह अपनी मेहनत की कमाई को सुरक्षित रूप से इन्वेस्ट कर सकें | वर्तमान में सिप (SIP) एक ऐसा तरीका है, जिसमें आप अपनी मेहनत की कमाई को सुरक्षित रूप से इन्वेस्ट कर सकते है | तो आईये जाते है सिप (SIP) क्या है, फुल फार्म, Invesment क्या होता है और इन्वेस्टमेंट कैसे करे मतलब और SIP Account में निवेश कैसे करे ? इसके बारे में जानकारी |

सिप का फुल फार्म (SIP Full Form)

Table of Contents

SIP का अंग्रेजी में फुल फार्म Systematic Investment Plan होता है, जबकि सिप का हिंदी में फुल फार्म “व्यवस्थित निवेश योजना” कहते है | सिप के अंतर्गत कोई भी निवेशक शेयर मार्केट, म्यूच्यूअल फण्ड या गोल्ड ईटीएफ में निवेश कर सकता है, तथा निवेशक द्वारा निवेश का अन्तराल प्रतिदिन, प्रति सप्ताह या प्रतिमाह निर्धारित कर सकता है |

SIP Systematic Investment Plan
सिप या एसआईपी व्यवस्थित निवेश योजना

सिप या एस आईपी क्या है (What Is SIP)

सिप अर्थात सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश करने का एक तरीका है, जिसमें आप अपनें धन को एक मुश्त निवेश करनें के बजाय एक निश्चित अंतराल में धीरे-धीरे करते है | दूसरे शब्दों में हम यह कह सकते है कि सिप (SIP) में आपसे एक निश्चित अंतराल में पैसे लिए जाते है और आपसे लिए गये धन को म्यूच्यूअल फण्ड में इन्वेस्ट किया जाता है | एसआईपी में आप कम से कम 500 रुपये प्रति माह के साथ निवेश कर सकते हैं, जबकि अधिकतम कोई सीमा निर्धारित नहीं है |

यदि आप सिप (SIP) में पैसा लांग टर्म के लिए निवेश करते है और रिटर्न कमाते हैं तो इसमें आपको मिलनें वाले रिटर्न पर भी रिटर्न मिलता रहता है, और ऐसा तब तक होता है जब तक कि आप उस राशि को विड्राल नहीं कर लेते है | इसमें सबसे खास बात यह कि निवेशक को अपनी निर्धारित राशि को घटानें और बढ़ानें का विकल्प मिलता है | इसके साथ-साथ एलर्ट सिप के माध्यम से निवेशकों को ऐसी सूचना भी प्राप्त होती रहती है, जिसमें शेयर बाजार की कमजोरी पर अधिक राशि निवेश करने का अवसर उपलब्ध कराया Invesment क्या होता है और इन्वेस्टमेंट कैसे करे जाता है | यदि निवेशक को अचानक पैसों की आवश्यकता पड़ जाती है, तो वह बीच में कुछ पैसा निकाल सकते है, ऐसा करने से सिप अकाउंट पर कोई फर्क नहीं पड़ता है वह चलती रहती है |

सिप अकाउंट में निवेश कैसे करे (How To Invest In SIP Account)

सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) को तीन प्रकार से शुरू किया जा सकता है | पहला और सबसे सरल तरीके के अंतर्गत आप किसी म्‍युचुअल फंड एजेंट के माध्यम से सिप अकाउंट शुरू कर सकते है | दूसरे प्रकार के अंतर्गत आप किसी शेयर ब्रोकर से ऑनलाइन ट्रेडिंग अकाउंट खोल कर ऑनलाइन तरीके से म्‍युचुअल फंड में निवेश कर सकते है | तीसरे प्रकार के अंतर्गत आप सीधे प्‍लान में इन्‍वेस्‍टमेंट कर सकते है, इसमें निवेशक म्‍युचुअल फंड कंपनियों की वेबसाइट पर जाकर डायरेक्ट म्‍युचुअल फंड में इन्वेस्टमेंट कर सकते हैं | यह तरीका निवेशक के लिए सबसे अधिक लाभकारी होता है, क्योंकि इसमें निवेशकों को किसी भी प्रकार का कमीशन नहीं देना पड़ता है, जिससे उनके रिटर्न में स्वतः वृद्धि हो जाती है |

सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान से लाभ (Benefit from Systematic Investment Plan)

  • एसआईपी (SIP) में निवेशक द्वारा निर्धारित धनराशि उनके अकाउंट से प्रति माह डायरेक्ट क्रेडिट हो जाती है |
  • एसआईपी (SIP) में निवेशक को अनेक तिथियों में किसी एक का चयन करनें का विकल्प मिलता है |
  • निवेशक द्वारा अपनें एसआईपी अमाउंट को कभी भी घटा या बढ़ा सकता है |
  • एसआईपी में निवेशक को बीच में Invesment क्या होता है और इन्वेस्टमेंट कैसे करे कुछ पैसा निकालनें की सुविधा |
  • निवेशक अपनें एसआईपी (SIP) अकाउंट को अपनी इच्छानुसार किसी भी दिन क्लोज कर सकता है, ऐसा करनें पर उन्हें किसी प्रकार की पेनाल्‍टी नहीं देनी पड़ती है |
  • कोई भी निवेशक अपना एसआईपी अकाउंट न्‍यूनतम 500 या 1000 रुपए से शुरू कर सकता हैं, जबकि इसकी कोई अधिकतम सीमा निर्धारित नहीं है |
  • निवेशक अपने निवेश की वैल्‍यू की जानकारी प्रतिदिन कर सकता है क्योंकि सभी म्‍युचुअल फंड कंपनियां अपनी सभी स्कीम की नैट आसेट वैल्‍यू प्रतिदिन घोषित करती हैं |

सिप में इन्वेस्टमेंट क्यों करे (Why to invest in SIP)

सिप के अंतर्गत म्युचुअल फंड में पैसा इन्वेस्टमेंट करनें का सबसे बड़ा लाभ यह है कि इसमें आपके पैसों का प्रबंधन एक्सपर्टस द्वारा किया जाता है | एक्सपर्ट नियमित रूप से इंडस्ट्री, कंपनी और इकोनॉमी पर रिसर्च करनें के बाद ही वह आपके पैसों को सही जगह पर निवेश करने का निर्णय लेते हैं, इसके साथ-साथ वह नियमित रूप से मार्केट पर नजर रखते हैं, जिसके कारण जोखिम कम हो जाते हैं |

आपको यहाँ सिप (SIP) में इन्वेस्टमेंट कैसे करे इसके विषय में जानकारी उपलब्ध करायी गई है | अब आशा है आपको जानकारी पसंद आयी होगी | यदि आप इससे संतुष्ट है, या फिर अन्य कोई जानकारी प्राप्त करना चाहते है तो कमेंट करके पूंछ सकते है, और अपना सुझाव प्रकट कर सकते है | आपकी प्रतिक्रिया का जल्द ही जवाब देने का प्रयास किया जायेगा | अधिक जानकारी के लिए hindiraj.com पोर्टल पर विजिट करते रहे |

Lump Sum इन्वेस्टमेंट क्या है – Lump Sum Meaning In Hindi [2022]

Lump Sum इन्वेस्टमेंट क्या है? What Is Lump Sum Meaning In Hindi – जब भी हम Mutual Fund में निवेश करना चाहते है तो हमारे पास दो रास्ते होते है पहला SIP के माध्यम से म्यूच्यूअल फंड में निवेश करना और दूसरा Lump Sump इन्वेस्टमेंट के माध्यम से म्यूच्यूअल फंड में निवेश करना।

आज में आपको बताऊंगा की Mutual Fund Lump Sum Investment क्या है और Lump Sum में निवेश कैसे करे? तो चलिये जानते है Lump Sum क्या है – What Is Lump Sum In Hindi

इससे पहले एक पोस्ट मैंने एक पोस्ट लिखी थी SIP क्या है और SIP में निवेश कैसे करे? अगर आपने अब तक उस पोस्ट को नहीं पड़ा है तो यहां क्लिक करके पढ़ सकते है।

What Is Lump Sum Meaning In Hindi

What Is Lump Sum Meaning In Hindi

Lump Sump क्या है ( Lump Sump In Hindi ):

Lump Sump Investment को हिंदी में एकमुश्त निवेश कहते है जब कोई निवेशक एक बार में बहुत सारा पैसा म्यूच्यूअल फंड्स में निवेश करता है तो इसे Mutual Fund में Lump Sum निवेश करना कहते है।

लम्प सम एक बहुत ही बढ़िया जरिया है Mutual Fund से अपने रिटर्न को बढ़ाने का, कई बार स्टॉक मार्किट में किसी कारण से भारी गिरावट आ जाती है जिससे सभी म्यूच्यूअल फंड्स भी नीचे गिर जाते है और यह सबसे सही समय होता है एक अच्छा म्यूच्यूअल फंड चुनकर उसमें लम्प सम इन्वेस्टमेंट करने का क्योंकि इस समय सभी Mutual Fund डिस्काउंट पर मिल रहे होते है।;

Lump Sum Meaning In Hindi – लम्प सम मतलब हिंदी में

जब Mutual Fund में एकमुश्त बहुत सारा पैसा निवेश किया जाता है तो इसे Lump Sum Investment कहते है और जब Mutual Fund में हर महीने थोड़ा – थोड़ा पैसा निवेश किया जाता है तो इसे SIP से निवेश करना कहते है।(What Is Lump Sum Meaning In Hindi)

Lump Sum Investments Benefits In Hindi (Lump Sum निवेश के फायदे)

एक बार में निवेश: Lump Sum एक बार में बहुत सारा पैसा निवेश करने का अवसर देता है जिससे सही समय पर मार्किट में एंटर करके ज्यादा Mutual Fund Units खरीद सकते है और अपने मुनाफे को बढ़ा सकते है।

ज्यादा लाभ: Mutual Funds Lump Sum Investments इसके बराबर के अन्य किसी भी निवेश जैसे: Fixed Deposit से ज्यादा रिटर्न कमा कर देता है

उदाहरण के लिये अगर हम 1 लाख रुपये को 25 साल के लिये Fixed Deposit में डालते है तो 8% ब्याज दर के हिसाब से जो राशि हमें मिलेगी वो होगी = 724465 रुपये और वही इसी पैसे को म्यूच्यूअल फंड्स में Lump Sum Investment करे और रिटर्न को 15 % भी माने तो जो राशि हमें मिलेगी वो होगी = 32,91,849 रुपये

** 15 % का रिटर्न इसलिए क्योंकि स्टॉक मार्किट ने पिछले 35 साल में हर वर्ष औसतन 15 % से ज्यादा का रिटर्न दिया है।

Lump Sum में निवेश कैसे करे (How To Start Lump Sum Investment)

Lump Sum में निवेश की शुरुआत 3 STEP में की जा सकती है

1. Research: मार्किट में सैकड़ो Mutual Fund है इसलिये पूरी रिसर्च और जोख़िम सहने की क्षमता के अनुसार सही Mutual Fund का चुनाव करें जिससे आप अपने फाइनेंसियल लक्ष्यों को प्राप्त कर सकें।

2. Get Paper Work Done: जो भी म्यूच्यूअल फंड अपने निवेश के लिये चुना है उसके साथ e-kyc कम्पलीट करे और अपने Basic Document जैसे: Pan Card, Aadhar Card वेरीफाई करवाये।

3. Planning: Account Open होने के बाद आपको यह निर्णय लेना होगा की चुने गये म्यूच्यूअल फंड में कितनी राशि, कितने साल के लिये निवेश करना चाहते है और उसके अनुसार अपना म्यूच्यूअल फंड लम्प सम इन्वेस्टमेंट करिये।Lump Sum Kya Hai

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Lump Sum में निवेश करने से पहले ध्यान रखने योग्य बातें –


अगर आप Lump Sum Investment करते है या करना चाहते है तो आपको Time of Investment का ध्यान रखना चाहिये क्योंकि गलत समय में Lump Sump Investment किया गया तो आपकी पूंजी को भारी नुकसान उठाना पढ़ सकता है और उस नुकसान को रिकवर होने में कई साल लग सकते है।

Lump Sum Investment को कभी भी Short Term Investment की तरह न करें बल्कि Lump Sum Investment का पूरा फायदा उठाने के लिये कम से कम 5 Invesment क्या होता है और इन्वेस्टमेंट कैसे करे साल के लिये निवेश करें।

सभी म्यूच्यूअल फंड्स अपना पैसा स्टॉक मार्किट में ही लगाते है इसलिये Mutual Fund में उतार – चढ़ाव होना आम बात है लेकिन यह उतार – चढ़ाव Short Term के लिये ही होता है इसलिये डर या लालच में आकर अपने Mutual Fund Units को बेचें नहीं बल्कि Long Term के लिये उसे Hold करें।

क्या Lump Sum Investment In Mutual Fund करना सही है

जवाब है हां.. क्योंकि जब मार्किट गिरा हुआ हो और म्यूच्यूअल फंड्स डिस्काउंट पर मिल रहे हो उस समय Lump Sum निवेश किया जाये तो आप SIP की तुलना में अपने रिटर्न को बढ़ा सकते है। Lump Sum में निवेश करने के लिए बड़ी रकम हो जरुरत होती है।

Lump Sum Investment में SIP की तुलना में ज्यादा रिस्क होता है अगर आप थोड़ा ज्यादा Risk उठा सकते है तो Lump Sum इन्वेस्टमेंट जरूर करनी चाहिये।

मैं उम्मीद करता हु आपको समझ आया होगा की Lump Sum इन्वेस्टमेंट क्या है? Lump Sum में निवेश कैसे करे? अगर अभी भी आपका कोई सवाल है What Is Lump Sum In Hindi – How To Start Lump Sum Investment से जुड़ा हुआ तो कमेंट करके पूछ सकते है।

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