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मौसमी निवेश

मौसमी निवेश

कम निवेश पर अधिक रिटर्न की संभावना, पैसा खोने का कम जोखिम

यूटिलिटी न्यूज़ डेस्क . इक्विटी की समझ रखने वाले लोग अक्सर निवेश के सही अवसर की तलाश में रहते मौसमी निवेश हैं। इक्विटी में लंबी अवधि में महंगाई को मात देने की क्षमता होती है, यही वजह है कि लोग इसकी तरफ ज्यादा आकर्षित होते हैं। इसके अलावा इक्विटी में भविष्य की वित्तीय जरूरतों को पूरा करने की क्षमता भी होती है। चाहे निवेश म्युचुअल फंड के माध्यम से हो या प्रत्यक्ष स्टॉक या दोनों के मिश्रण से, इक्विटी में नए निवेशकों के लिए सीधे शुरुआत करने के लिए सही कंपनी का चयन करना मुश्किल होता है।

प्रत्यक्ष शेयरों में निवेश करने के लिए कंपनी की वित्तीय स्थिति, इसकी व्यावसायिक संभावनाओं, मूल्यांकन, उद्योग की गतिशीलता, बाजार की स्थितियों आदि की समझ की आवश्यकता होती है। ऐसे निवेशकों के लिए निफ्टी 50 ईटीएफ निवेश का सबसे आसान तरीका है। ईटीएफ एक विशिष्ट इंडेक्स को ट्रैक करते मौसमी निवेश हैं, जिसे एक्सचेंज पर स्टॉक की तरह कारोबार किया जाता है। ईटीएफ की पेशकश म्यूचुअल फंड कंपनियां करती हैं।

आप एक छोटे से निवेश से शुरुआत कर सकते हैं
Nifty 50 मौसमी निवेश ETF की खास बात यह है कि इसे बहुत ही कम राशि से शुरू किया जा सकता है। आप ईटीएफ की एक यूनिट को कुछ सौ रुपए में खरीद सकते हैं। उदाहरण के लिए- एनएसई पर आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल निफ्टी 50 ईटीएफ रु। 185 पर ट्रेड करता है। इस प्रकार आपको रु। 500-1000 का निवेश किया जा सकता है और एक्सचेंज से निफ्टी 50 ईटीएफ की इकाइयां खरीद सकते हैं।

आप हर महीने व्यवस्थित निवेश भी कर सकते हैं। ऐसा करने से आप बाजार के सभी स्तरों पर खरीदारी करेंगे और आपके निवेश की लागत औसत रहेगी। आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल निफ्टी 50 ईटीएफ की ट्रैकिंग त्रुटि - अंतर्निहित सूचकांक से फंड रिटर्न के विचलन का एक उपाय - 0.03% है, जो निफ्टी 50 ईटीएफ ब्रह्मांड में सबसे कम है। सीधे शब्दों में कहें तो यह संख्या जितनी कम होगी, उतना अच्छा होगा।

बड़ी कंपनियों में निवेश
निफ्टी 50 सूचकांक में बाजार पूंजीकरण के मामले में सबसे बड़ी भारतीय कंपनियां शामिल हैं। इसलिए निफ्टी 50 ईटीएफ में निवेश निवेशक को शेयरों और क्षेत्रों में एक उत्कृष्ट विविधीकरण प्रदान करता है। यह सूचकांक के पथ का अनुसरण करता है। आप बाजार के समय के दौरान एक्सचेंजों से ईटीएफ की इकाइयां खरीद और बेच सकते हैं। इसलिए, निफ्टी 50 ईटीएफ पहली बार स्टॉक निवेशकों और सामान्य रूप से अपनी इक्विटी यात्रा मौसमी निवेश शुरू करने वालों के लिए शुरुआती बिंदुओं में से एक है।

पोर्टफोलियो विविधीकरण जोखिम को कम करता है
एक विविध पोर्टफोलियो निवेशक के लिए जोखिम कम करता है। स्टॉक निवेश के मामले में ऐसा नहीं है, क्योंकि बाजार की अस्थिरता कंपनियों की एक टोकरी की तुलना में एकल स्टॉक की कीमत को अधिक प्रतिकूल रूप से प्रभावित कर सकती है। निफ्टी 50 ईटीएफ में निवेश से मिलने वाला रिटर्न अंतर्निहित सूचकांक में अस्थिरता को दोहराएगा। ईटीएफ में निवेश करने के लिए आपको केवल एक डीमैट खाते की जरूरत है। जिनके पास डीमैट खाता नहीं है, वे निफ्टी 50 इंडेक्स फंड में निवेश करने पर विचार कर सकते हैं।
निवेश सस्ता है
निफ्टी 50 ईटीएफ में निवेश अपेक्षाकृत सस्ता है। चूंकि ईटीएफ निफ्टी 50 इंडेक्स को निष्क्रिय रूप से ट्रैक करता है और इंडेक्स घटकों के बीच सीमित या कोई मंथन नहीं करता है, इसलिए लागत कम होती है। एक्सपेंस रेशियो या दूसरे शब्दों में कहें तो फंड चार्जेज सिर्फ 2 से 5 बेसिस प्वाइंट्स हैं। एक आधार अंक एक प्रतिशत का सौवां हिस्सा होता है।

कम जोखिम पर वर्षों तक बाजार को समझने का अवसर
निफ्टी 50 ईटीएफ में निवेश करके, आप बिना अधिक जोखिम उठाए वर्षों से बाजार की गतिशीलता को समझना शुरू कर सकते हैं। जब आप बाज़ार को चलाने वाले विभिन्न कारकों से खुद मौसमी निवेश को परिचित करते हैं, तो आप अपनी जोखिम लेने की क्षमता, लक्ष्य, समय सीमा और निवेश योग्य बढ़त के आधार पर छोटे और मिडकैप स्टॉक या म्यूचुअल फंड पा सकते हैं। तो आप Nifty-50 ETF के जरिए अपनी बाजार निवेश यात्रा शुरू कर सकते हैं।

आज का राशिफल (09 नवंबर 2022)

बदलते मौसम में स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें। प्रोपर्टी डील में अच्छा प्रोफिट होगा। नए कार्यों में हाथ आजमाने का मौका मिलेगा। घर पर सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा। छात्रों का मनोबल बढ़ाने का प्रयास करें।

आज का राशिफल (09 नवंबर 2022)

हेल्दी रहने के आपके प्रयास सफल होंगे। निवेश करने से पहले सोच-विचार करें। ऑफिस में आपका काम सीनियर्स को पसंद आएगा। घर पर तनाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। दूसरों की मदद करने की आदत से मौसमी निवेश आज लाभ होगा।

स्वस्थ रहने के लिए जंकफूड से दूर रहें। अच्छी स्कीम में पैसा निवेश कर सकते हैं। नौकरी की तलाश आज पूरी होगी। परिवार के साथ हास्य-मनोरंजन में समय बीतेगा। प्रेमी आज आपकी ओर आकर्षित होगा।

व्यायाम करने से फिट रहेंगे, आलस्य दूर होगा। आज का दिन निवेश के लिए अच्छा नहीं है। शुभचिंतकों का भरपूर सहयोग मिलेगा। लंबी यात्रा का प्लान बन सकता है। स्टूडेंट्स को उच्च शिक्षा के लिए स्कोलरशिप मिलेगी।

स्वास्थ्य अच्छा और मन शांत रहेगा। आर्थिक तंगी से बचने के लिए फिजूल खर्च ना करें। आपके सभी प्रोजेक्ट्स सफलतापूर्वक पूर्ण होंगे। दोस्तों और रिश्तेदारों के आने से माहौल अच्छा होगा। बिजनेस ट्रिप के लिए दूसरे शहर यात्रा के लिए जाएंगे।

बदलते मौसम में स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें। प्रोपर्टी डील में अच्छा प्रोफिट होगा। नए कार्यों में हाथ आजमाने का मौका मिलेगा। घर पर सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा। छात्रों का मनोबल बढ़ाने का प्रयास करें।

एहतियात बरतने से सेहत अच्छी रहेगी। आपकी प्रतिभा के कारण नई नौकरी मिलेगी। पारिवारिक झगड़ों से दूर रहने की कोशिश करें। शिक्षा के क्षेत्र में थोड़ी दिक्कतें आ सकती है। प्रेमी के लिए समय निकालने में कामयाब होंगे।

फिट रहने के आपके प्रयास सफल होंगे। कुछ अनजान स्रोत से धनलाभ होगा। प्रोजेक्ट के दौरान कुछ परेशानी आ सकती है। मीटिंग के लिए समय से पहले घर से निकलें। परिवार के छोटे सदस्यों पर गर्व महसूस होगा।

ध्यान लगाने से मन एकाग्र होगा। फिजूल खर्चों में कटौती के लिए बजट बनाएं। ऑफिस में सहकर्मी के साथ प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। घर पर मेहमानों के आने की संभावना है। सड़क यात्रा के दौरान अधिक सावधान रहें।

आज आपका लोन अप्रूव हो जाएगा। मान-सम्मान और प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। वजन कम करने के प्रयास सफल होंगे। घर के बुजुर्ग सदस्यों की देखभाल अच्छे से करें। प्रेमी आज आपसे कुछ सवाल कर सकता है।

खराब स्वास्थ्य के कारण चिड़चिड़ा महसूस करेंगे। नए बिजनेस के लिए फंड आसानी से मिल जाएगा। ऑफिस में सभी आपके काम से काफी खुश होंगे। घरेलू समस्याएं जल्द दूर होगी। प्रेमी के लिए मन में शंका उत्पन्न ना करें।

नियमित धनलाभ से आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। अच्छी सेहत के लिए नींद पूरी लें। आपके शानदार कार्यों के लिए तारीफ मिलेगी। आउटडोर एक्टिविटी में प्रतिभाग करेंगे। प्रेमी की उम्मीदों को आज टूटने ना दें।

बिजनेस ट्रिप पर कमाई के नए अवसर मिलेंगे। धन-संपत्ति में बढ़ोतरी हो सकती है। जांच-परख करके ही कोई भी वस्तु खरीदें। छात्रों को शिक्षा में बेहतर परिणाम मिलेंगे। प्रेमी के मूड को समझने की कोशिश करें।

कार्यशील पूंजी किसे कहते हैं ?

कार्यशील पूंजी वह होती है जिसके माध्यम से दैनिक संचालन क्रियाओं को सुगम रूप में संचालित रखने में व्यवसाय को सहायता प्राप्त होती है। स्थाई संपत्तियों में निवेश के अलावा प्रत्येक व्यावसायिक संगठन को चालू सम्पत्तियों में भी निवेश की आवश्यकता होती है जिन्हें एक वर्ष में रोकड़ या रोकड़ के समतुल्यों में परिवर्तित किया जा सकता है। ये सम्पत्तियाँ व्यवसाय को तरलता प्रदान करती है। कार्यशील पूंजी दो प्रकार की होती है- सकल कार्यशील पूंजी तथा शुद्ध कार्यशील पूंजी। सभी चालू सम्पित्त्यों में किये गए निवेश को सकल कार्यशील पूंजी कहते हैं। जबकि चालू दायित्व पर चालू सम्पत्तियों के आधिक्य को शुद्ध कार्यशील पूंजी कहते हैं।

एक संगठन की कार्यशील आवश्यकताओं को निम्नलिखित कारकों द्वारा प्रभावित किया जाता है।

(1) व्यवसाय की प्रकृति :- एक व्यापारिक उपक्रम को, निर्माण उपक्रम के मुकाबले कम कार्यशील पूंजी की आवश्यकता पड़ती है क्योंकि इनके द्वारा वस्तु निर्माण सम्बन्धित कोई कार्य नहीं करना पड़तां मौसमी निवेश ये केवल माल का क्रम एव विक्रय करते हैं।

(2) संचालन का स्तर :- ऐसे संगठन जो उच्च पैमाने पर व्यवसाय चलाते हैं उन्हें बड़ी मात्रा में स्कन्ध की आवश्यता होती है। अत: उन्हें अधिक कार्यशील पूंजी की आवश्यकता होती है। जिन संगठनों का व्यापारिक संचालन निम्न कोटि का होता है उन्हें कम कार्यशील पूंजी की आवश्यकता होती है।

(3) व्यवसाय चक्र:- तेजी की दशा में व्यावसायिक गतिविधियाँ बढ़ जाती हैं, अत: अधिक कार्यशील पूंजी की आवश्यकता पड़ती है, जबकि मंदी के दौर में कम कार्यशील पूंजी की आवश्यकता होती है।

(4) मौसमी घटक :- मौसम के चरम या शीर्घ स्तर पर मौसमी व्यवसाय जैसे आइसक्रीम फैक्ट्री को अधिक कार्यशील पूंजी की आवश्यकता होती है। जबकि मौसम समाप्त हो जाने पर कम कार्यशील पूंजी की आवश्यकता होती है।

(5) उधार विक्रय सुविधा :- उधार नीति अपनाने पर अधिक कार्यशील पूंजी की आवश्यकता होती है, परन्तु नकद माल बेचने पर कार्यशील पूंजी की आवश्यकता कम होती है।

(6) उधार क्रय सुविधा :- यदि कम्पनी कच्चे माल आदि का उधार क्रय करती है तो उसे कम कार्यशील पूंजी की आवश्यकता होती है, परन्तु नकद क्रय करने पर अधिक कार्यशील पूंजी की आवश्यकता होती है।

(7) मुद्रास्फीति - कार्यशील पूंजी सम्बन्धी आवश्यकताएँ मूल्य स्तर में परिवर्तन द्वारा भी निर्धारित होती है। जैसे- स्फीतिकारी (Inflahon) अवधि में मौसमी निवेश कच्चे माल कच्चे और श्रम दोनों की लागत बढ़ जाने से कार्यशील पूंजी की आवश्यकता अधिक होती है।

(8) परिचालन चक्र :- परिचालन चक्र मांग की प्राप्ति से देनदारों से रोकड़ वसूली के बीच की अवधि है। यह कच्चे माल के क्रय से शुरू होने पर तथा माल को बेचने से ग्राहकों से प्राप्त होने वाली धनराशि पर समाप्त होता है। परिचालन चक्र के लम्बे होने पर कार्यशील पूंजी की आवश्यकता अधिक होती है।

मौसमी निवेश

मॉनसून जब अपने दूसरे महीने के दूसरे सप्ताह में पहुंच चुका है, तो देश में सबसे ज्यादा रोजगार देने वाले और खाद्य उत्पादक यानी कृषि क्षेत्र में संभावित मंदी के परेशान करने वाले संकेत दिखाई दे रहे हैं।

पिछले साल के इसी समय की तुलना में सात जुलाई तक खरीफ की बुआई में 15 फीसदी की कमी आई है। कुल मिलाकर किसानों ने 63 लाख हेक्टेयर खेतों में बुआई नहीं की। निरर्थक गतिविधियों के चलते जून के पहले दो सप्ताहों में बुआई धीमी गति से हुई है। एक सामान्य सीजन में अब तक खरीफ की मुख्य फसल धान को नर्सरी से लेकर खेत में रोप दिया गया होता।

पौधों को रोपना, खेती खासकर धान की फसल का ऐसा चरण होता है, जिसमें मजदूरों की सबसे ज्यादा जरूरत पड़ती है। बुआई की धीमी प्रगति पहले से ही देश में बेरोजगारी की समग्र हालत को दर्शा रही है।

सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (सीएमआईई) प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक और सीईओ महेश व्यास ने जून में बेरोजगारी परिदृश्य के अपने विश्लेषण में गंभीर नतीजों की ओर इशारा किया है।

रोजगार की स्थिति पर सीएमआईई का नवीनतम आकलन जारी करते हुए उन्होंने लिखा - ‘जून के पहले पखवाड़े में बारिश सामान्य से 32 फीसदी कम थी। इसके चलते खेतों में मजदूरों की मांग में कमी आई होगी। जून में कृषि क्षेत्र में करीब 80 लाख नौकरियां कम हुईं, इनमें ज्यादातर पौधे रोपने से जुड़ी थीं।’

खरीफ के इस चरण के दौरान ज्यादातर रोजगार पौधारोपड़ करने वाले मजूदरों या फिर पौधों को नर्सरी से लाने वाले मजूदरों के लिए ही होता है। सीएमआईई का कहना है कि इस साल जून के दौरान इस काम में केवल 40 लाख लोग जुड़े, जो 2021 और 2020 में इसी महीने के दौरान इस काम से जुड़ने वालों की तुलना में कम है।

जून में श्रम-बल में आई एक करोड़ लोगों की कमी

कुल मिलाकर पूरे देश में बेरोजगारी की जो हालत है, उसे सीएमआईई ने अपने आकलन में दिखाया है। इसके मुताबिक, लोगों ने नौकरी की तलाश करना छोड़ दिया है या फिर वे श्रम-बाजार से बाहर चले गए हैं। ऐसा तब होता है जब नौकरी की तलाश करने वाला इतना हतोत्साहित हो चुका होता है कि उसे नौकरी मिलने की कोई उम्मीद नहीं रहती और वह नौकरी की तलाश करना छोड़ देता है। श्रम-बल को नौकरी की तलाश में लगे लोगों के कुल योग के रूप में परिभाषित किया गया है।

जून में रोजगार की तलाश करने वालों की तादाद एक करोड़ कम हो गई। सीएमआईई ने कहा, ‘जहां इस महीने 1.3 करोड़ लोगों को अपनी नौकरी गंवानी पड़ी, वहीं बेरोजगारों की गिनती में केवल तीस लाख लोगों का इजाफा हुआ। बाकी लोग श्रम-बाजार से बाहर चले गए। नतीजे के तौर पर जून 2022 में श्रम-बल में एक करोड़ लोगों की कमी आई।

हालांकि जून में हुई यह हालत खतरे की घंटी इसलिए है क्योंकि यह 1.3 करोड़ नौकरियां पूरी तरह से ग्रामीण क्षेत्रों की थीं और उसमें भी इनमें से ज्यादातर कृषि क्षेत्र की नौकरियां थी।

खेती से ज्यादा मजदूरी से होती है किसान की आमदनी

यह क्या साबित करता है? पहला कि सबसे बड़े नियोक्ता, कृषि क्षेत्र में नौकरियां घट रही हैं। इसलिए इसका ग्रामीण आय पर समग्र प्रभाव पड़ेगा। दूसरा- देरी से बुआई और कृषि से संभावित कम आय का मतलब यह होगा कि किसान फसल में जितना पैसा लगाएगा, उतना उसे वापस नहीं मिलेगा और वह कर्ज में डूब जाएगा। आमतौर पर किसान बीज लेने, मजदूर रखने और खेत को तैयार करने जैसे कामों के चलते बुआई के समय सबसे बड़ा निवेश करते हैं। तीसरा और सबसे परेशान करने वाला तथ्य यह है कि किसान की आमदनी खेती से ज्यादा मजदूरी से होती है।

सबसे ज्यादा प्रभावित हुए खेतिहर मजदूर

खेती के पांच महीने के सीजन में जून को सबसे ज्यादा कमाई वाला महीना माना जाता है। इस बार, जून में खेती के मजदूरों की नौकरियों में कमी आने से मजदूर कुछ भी नहीं कमा सके हैं। इसका खेती से होने वाली उनकी कुल आय पर भी असर पड़ेगा।

सीएमआईई का ताजा आंकड़ा दर्शाता है कि जून में कम बुआई से खेतिहर मजदूर सबसे ज्यादा प्रभावित मौसमी निवेश हुए। उसके मुताबिक, ‘जब कृषि क्षेत्र में समग्र रूप से नौकरियां घटीं तो किसानों के रूप में काम करने वालों की तादाद में 18 लाख लोगों की वृद्धि हुई। कृषि क्षेत्र में रोजगार में आई गिरावट, खेतिहर मजूदरों के बीच थी।

इसका मतलब यह हुआ कि गांव में रहने के चलते ही ज्यादातर लोगों ने खेती की। खेतों में मजदूरों को लगाने की बजाय उनमें से कई लोगों ने अपने आप काम किया। ऐसा मजदूरी का खर्चा बचाने या महज ख्ुाद को व्यस्त रखने के लिए किया गया।

मनरेगा में काम मांगने वालों की तादाद बढ़ी

श्रम- बाजार में आए इस खालीपन को इस तथ्य की रोशनी में देखा जा सकता है कि जून में मनरेगा में काम मांगने वालों की तादाद अप्रत्याशित स्तर तक बढ़ गई। डाउन टू अर्थ ने दर्ज किया कि जून में 3.1 करोड़ लोगों ने इस योजना में काम मांगा जबकि मई में ऐसा करने वालों की तादाद तीन करोड़ थी।

मनरेगा में काम मांगने वालों की बढ़ी तादाद यह दिखाती है कि बाहर कहीं और काम न मिलने की वजह से असंगठित मजदूर अपने गांवों में ही रुके हुए हैं। हालांकि, जैसा कि केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के सरकारी आंकड़े बताते है ं- ग्रामीण मजदूरी का यह कार्यक्रम भी काम की मांग को पूरा करने में सक्षम नहीं है।

गांवों के श्रम बाजार की बहाली फिलहाल पूरी तरह से मॉनसून की प्रगति और खासतौर से बुआई की तेज प्रगति पर निर्भर करती है। जैसा कि खबरें मिल रही हैं-कई राज्यों में बुआई अभी शुरू ही हुई है क्योंकि जून में बारिश में कमी के दौर के बाद किसान मॉनसून में प्रगति की बाट जोहते हैं।

हालांकि जुलाई और अगस्त में मॉनसून कई ‘विराम’ भी लेने लगता है। जैसा कि पिछले कुछ सालों में हुआ। खबरों के मुताबिक, मॉनसून के इन विरामों की वजह से बड़े स्तर पर फसल चौपट हुई। अगर इस बार भी मॉनसून का बर्ताव वैसा ही रहता है तो फिर क्या होगा ?

Special Fixed Deposit Scheme: PNB निवेश किए हुए पैसों पर दे रहा अच्छा मुनाफा कमाने का मौका, मिलेगा 7.85% ब्याज

अगर आप भी अपने पैसे को फिक्स्ड डिपॉजिट करने के बारे में विचार कर रहे हैं, तो यह खबर आपके काम की है. इस लेख में जानें पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की Special Fixed Deposit Scheme की पूरी जानकारी.

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PNB Fixed Deposit: देश की जनता की आर्थिक तौर पर मदद करने के लिए जहां भारत सरकार हमेशा उनके साथ खड़ी रहती है मौसमी निवेश वहीं अब बैंकों के द्वारा भी जनता की मदद की जा रही है. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अगर आपका भी खाता पंजाब नेशनल बैंक (PNB) में है. तो यह समय आपके लिए लाभ कमाने का सबसे अच्छा मौका साबित हो सकता है.

दरअसल PNB अपने ग्राहकों को फिक्स्ड डिपॉजिट यानी FD कराने का शानदार मौका दें रहा है. पंजाब नेशनल बैंक ने हाल ही में कहा था कि बैंक अब ग्राहक 600 दिन की स्पेशल फिक्स्ड डिपॉजिट योजना ( Special Fixed Deposit Scheme) से शामिल होकर लाभ प्राप्त कर सकते हैं. इस योजना को स्पेशल ब्याज दर योजना के नाम से भी जाना जाता है.

योजना में मिलेगा अच्छा लाभ (Will get good benefits in the scheme)

बैंक का कहना है कि स्पेशल फिक्स्ड डिपॉजिट योजना में जुड़ने वाले ग्राहकों को सालाना 7.85 प्रतिशत तक ब्याज दिया जाएगा. लेकिन ध्यान रहे कि स्पेशल ब्याज दर योजना 600 दिन की होगी. इसके बाद ही आपके निवेश का पूरा लाभ दिया जाएगा.

किन ग्राहकों के लिए है यह योजना (Which customers are this plan for?)

बता दें कि बैंक की यह बेहतरीन योजना बैंक के सिर्फ वरिष्ठ नागरिकों के लिए तैयार की गई है, जिसे 19 अक्टूबर 2022 से लागू कर दिया गया है. स्पेशल ब्याज दर योजना में ग्राहक कम से कम 2 करोड़ रुपए से कम ही राशि जमा कर सकते हैं.

स्पेशल ब्याज दर योजना में ऐसे करें आवेदन (How to apply in special interest rate scheme)

अगर आप भी PNB की इस योजना का लाभ उठाना चाहते हैं, तो इसके लिए आपको अपने पंजाब नेशनल बैंक की ब्रांच में जाकर संपर्क करना होगा.

Whatsapp से भी मिलेगी सभी जानकारी (All information will also be available from Whatsapp)

पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने ग्राहकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए व्हाट्सएप के जरिए भी बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध करवा रही है. ताकि वह बैंक की लंबी-लंबी लाइनों से बच सके और अपने कार्य को मिनटों में पूरा कर सके. बैंक की यह सेवा 24*7 चालू रहती है.

English Summary: Special Fixed Deposit Scheme PNB is giving a chance to earn good profits on the invested money, will get 7.85% interest Published on: 13 November 2022, 03:58 IST

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