एक मुद्रा कैरी ट्रेड की मूल बातें

डे ट्रेडिंग के फायदे और नुकसान

डे ट्रेडिंग के फायदे और नुकसान

बाजार में भारी उतार-चढ़ाव के बीच शेयर मार्केट में इन 10 बातों का रखें ध्यान, नुकसान से बचेंगे और फायदे में रहेंगे

 शेयर बाजार लॉन्ग टर्म के लिए निवेश की बेहतर जगहों में से एक है न कि जुआ घर. मजबूत कंपनी में निवेश करिए और लंबे समय या मध्यम अवधि के लिए अच्छा रिटर्न पाइए.

शेयर बाजार लॉन्ग टर्म के लिए निवेश की बेहतर जगहों में से एक है न कि जुआ घर. मजबूत कंपनी में निवेश करिए और लंबे समय या मध्यम अवधि के लिए अच्छा रिटर्न पाइए.

शेयर बाजार में आए नए या युवा निवेशक अक्सर कुछ सामान्य गलतियां करते हैं. इस वजह से उन्हें काफी नुकसान उठाना पड़ता है. किसी निवेशक को कुछ बुनियादी बातों को जरूर सीखना चाहिए और सामान्य सी गलतियां करने से बचना चाहिए.

  • News18Hindi
  • Last Updated : February 28, 2022, 08:05 IST

Investment Tips: रूस-यूक्रेन संकट के बीच दुनिया भर के शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव चल रहा है. भारतीय शेयर बाजार में उथल-पुथल जारी है. इन सबके बीच निवेशक सोच रहे हैं कि कहां और कैसे निवेश करें. किन गलतियों से बचें और क्या करें ? खासतौर से कोरोना के बाद कोरोड़ों की संख्या में नए डिमैट अकाउंट खुले हैं. इन नए निवेशकों को कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना जरूरी है.

शेयर बाजार में आए नए या युवा निवेशक अक्सर कुछ सामान्य गलतियां करते हैं. इस वजह से उन्हें काफी नुकसान उठाना पड़ता है. किसी निवेशक को कुछ बुनियादी बातों को जरूर सीखना चाहिए और सामान्य सी गलतियां करने से बचना चाहिए.

आईए जानते हैं ऐसी ही दस प्रमुख बातें …

1- पहले कंपनी को समझें
यह निवेश का पहला और बेसिक नियम है, जिसे हर एक निवेशक को फॉलो करना चाहिए. वैसे हर आदमी से यह उम्मीद करना मुश्किल है कि वह हर एक कंपनी की समझ रखे. इसके बावजूद हमें प्रयास करना चाहिए कि कम से कम कंपनी के बिजनेस की बेसिक समझ रखें, जैसे कंपनी क्या करती है और अपनी प्रतिद्वन्दी कंपनियों के सामने कैसे खड़ी है.

2- पोर्टफोलियों कैसा होना चाहिए
अक्सर हम देखते हैं कि निवेशक या तो अपने पोर्टपोलियो में विविधता नहीं रखते या फिर अत्यअधिक विविधता कर लेते हैं. जबकि इन दोनों के बीच संतुलन रखना सबसे महत्वपूर्ण है. जैसे मान लीजिए आपके पास दस शेयर हैं और आपने किसी एक या दो सेक्टर के ही सारे शेयर ले रखें हैं. इससे बचना चाहिए. दस में से दो बैंकिंग सेक्टर, दो मेटल सेक्टर, दो फार्मा सेक्टर, दो टेक सेक्टर इस तरह से पोर्टफोलियों में विविधता रखनी चाहिए. ज्यादा संख्या में भी शेयर रखने से बचना चाहिए. इसलिए जोखिम से बचने के लिए एक संतुलित वाली पोर्टफोलियों रखें.

3- दूसरे के पोर्टफोलियो का अनुकरण
सफल निवेशकों के पोर्टफोलियो को देखना गलत नहीं है और शुरुआत में उसके निवेश निर्णय से आप भी सीख सकते हैं. इसके साथ ही निवेश की अपनी समझ विकसित करें. लंबे समय में दूसरे को ब्लाइंडली फॉलो करना खतरनाक होता है क्योंकि हर निवेशक के पास विभिन्न फैक्टर होते और अपने प्लान होते हैं. इस चीज को आप ऐसे समझ सकते हैं कि हम सभी जानते हैं कि कार कैसे चलाते हैं लेकिन जब आप सड़क पर गाड़ी लेकर जाते हैं तो सामने वाली कार को देख कर चलाते हैं या अपने हिसाब से निर्णय लेते हैं. सामने वाली कार को फॉलो करना कितना खतरनाक हो सकता है यह आप समझ सकते हैं. यही स्थिति निवेश में भी होती है.

4- अपने निवेश के साथ भावनात्मक लगाव न रखें
सबसे खराब निवेश के निर्णय वो होते हैं जो आप भावनाओं के आधार पर लेते हैं या फिर आपके निर्णय लेने की प्रक्रिया को आपके इमोशन प्रभावित करते हैं. यह देखने की बजाय कि कंपनी का प्रदर्शन और उसका फंडामेंटल कैसा है.

5- अपनी निवेश के सिद्धांत पर अडिग रहें
जब हम किसी कंपनी को निवेश के लायक समझते हैं तब हम उससे संबंधित कुछ प्रमुख निर्धारक बिंदु देखते हैं. कंपनी कितना विकास करेगी और भविष्य में कंपनी की रणनीति क्या होगी, ऐसी बहुत सारी चीजें हम समझते हैं. यह कंपनी का एक्सपेंसन प्रोजेक्ट, रेवेन्यू ग्रोथ, मार्केट शेयर गेन, प्रोडक्ट की आगे वैल्यू एडिशन जैसे महत्वपूर्ण बिंदु होते हैं. यदि इनमें से किसी भी चीज को आप निवेश के बाद गड़बड़ होते हुए पाते हैं तो तुरंत समीक्षा करिए.

6. घाटे से डरिए मत, सीखिए
हां, यह हर निवेशक के लिए सबसे महत्वपूर्ण चीज है इसे सीखना और इससे बचना. सभी लोग कभी न कभी, किसी न किसी स्टॉक में गलत निर्णय ले लेते हैं, यह कोई बड़ी बात नहीं है. यह हमारे सीखने की प्रक्रिया का भी हिस्सा है. अगर कभी आप गलत शेयर ले लिए हैं और घाटा हो रहा है तो घाटे से डरिए मत, उससे निकल लीजिए. ज्यादा देर मत करिए और किसी दूसरे स्टॉक में मौका देखिए. घाटे से डरिए मत, सीखिए.

7. पेनी स्टॉक से बचना चाहिए
अक्सर नए निवेशक जल्दी पैसा कमाने के चक्कर में पेनी स्टॉक में पैसा लगा देते हैं. किसी दूसरे का सुन के कि इस 2 रुपए के स्टॉक ने 6 महीने में 500 फीसदी रिटर्न दिया, निवेश नहीं करना चाहिए. सैमको सिक्योरिटी के रिसर्च हेड उमेश मेहता कहते हैं पेनी स्टॉक जब चढ़ता है या उसमें अपर सर्किट लगने लगता है तो लोग पैसा लगाने के लिए जल्दीबाजी करने लगते है. लेकिन जब पेनी स्टॉक गिरता है या उसमें लोअर सर्किट लगता है तो निवेशक शेयर बेट भी नहीं पाते औऱ घाटा उठाना पड़ता है. इसलिए हमेशा फंडामेंटली मजबूत कंपनियों में निवेश करें.

8- जल्दी से जल्दी करोड़पति बनने की चाहत वाले शेयर बाजार से दूर रहें
अक्सर नए निवेशक शेयर बाजार में रातों रात करोड़पति बनना चाहते हैं. वो किसी और का सुन रख होते हैं या फिर बाजार को सट्टा का अड्डा समझते है. ऐसा सोचने वालों को बाजार से दूर रहना चाहिए. शेयर बाजार लॉन्ग टर्म के लिए निवेश की बेहतर जगहों में से एक है न कि जुआ घर. मजबूत कंपनी में निवेश करिए और लंबे समय या मध्यम अवधि के लिए अच्छा रिटर्न पाइए.

9 – नए निवेशकों को इंट्रा डे ट्रेडिंग से बचना चाहिए
वर्तमान में बाजार में बहुत ही ज्यादा उतार-चढ़ाव है. सामान्य परिस्थिति में भी नए निवेशक को इंट्रा डे ट्रेडिंग से बचना चाहिए. यहीं जल्दी पैसा डूबता है. क्योंकि आपको बाजार का लंबा अनुभव औऱ ज्ञान नहीं है. बारिकियां नहीं पता है. लिहाजा घाटा होने की आशंका बहुत ज्यादा होती है. इसलिए बेहतर कंपनी में निवेश करें न कि इंट्रा डे ट्रेडिंग करें.

10- जितना पैसा लगाइए उतना ही ज्यादा पढ़िए
शेयर बाजार में आप जितना ज्यादा पैसा लगा रहे हैं उतना ही ज्यादा पढ़िए. मार्केट, कंपनी, रिजल्ट, विशेषज्ञों की सलाह, ग्लोबल मार्केट का रूख इन सारी चीजों के बारे में जितना जानेंगे, आपके लिए बेहतर होगा.

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शेयर ट्रेडिंग से हुई इनकम पर कैसे टैक्‍स लगता है?

साल में एक लाख रुपये तक के एलटीसीजी पर कोई टैक्‍स नहीं पड़ता है. इसके अलावा 31 जनवरी 2018 से डे ट्रेडिंग के फायदे और नुकसान डे ट्रेडिंग के फायदे और नुकसान पहले तक खरीदे गए शेयरों पर एलटीसीजी ग्रैंडफादरिंग क्‍लॉज के तहत आता है. यानी इस तारीख तक शेयरों से हुआ मुनाफा भी टैक्‍स के दायरे में नहीं आता है.

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शेयर ट्रेडिंग से हुए फायदे या नुकसान को शॉर्ट टर्म कैपिटल गेंस (एसटीसीजी) या लॉन्‍ग टर्म कैपिटल गेंस के तौर पर क्‍लासिफाई करना होगा.

एकेएम ग्‍लोबल में पार्टनर अमित माहेश्‍वरी कहते हैं, चूंकि पार्थ की शेयर ट्रेडिंग से इनकम है. इसलिए उन्‍हें इनकम टैक्‍स रिटर्न (आईटीआर) फाइल करने के लिए आईटीआर-2 का इस्‍तेमाल करना होगा.

हालांकि, पार्थ अगर इंट्रा-डे ट्रेडिंग कर रहे हैं तो उसे स्‍पेकुलेटिव बिजनेस के तौर पर देखा जाएगा. उस स्थिति में उन्‍हें आईटीआर-3 में अपना रिटर्न फाइल करने की जरूरत होगी. इसके अलावा शेयर ट्रेडिंग से हुए फायदे या नुकसान को शॉर्ट टर्म कैपिटल गेंस (एसटीसीजी) या लॉन्‍ग टर्म कैपिटल गेंस के तौर पर क्‍लासिफाई करना होगा. शेयर से हुए गेंस को अगर एक साल तक रखा जाता है तो उसे एसटीसीजी में वर्गीकृत किया जाता है. वहीं, अगर इसे एक साल से ज्‍यादा समय के लिए रखा जाता है तो यह एलटीसीजी में क्‍लासिफाई होता है.

एसटीसीजी पर 15 फीसदी की दर से टैक्‍स लगता है. दूसरी ओर एलटीसीजी पर टैक्‍स की यह दर 10 फीसदी होती है. हालांकि, साल में एक लाख रुपये तक के एलटीसीजी पर कोई टैक्‍स नहीं पड़ता है. इसके अलावा 31 जनवरी 2018 से पहले तक खरीदे गए शेयरों पर एलटीसीजी ग्रैंडफादरिंग क्‍लॉज के तहत आता है. यानी इस तारीख तक शेयरों से हुआ मुनाफा भी टैक्‍स के दायरे में नहीं आता है.

आइए, अब शौर्य का सवाल लेते हैं.

शौर्य ने दिल्‍ली में चार साल पहले एक फ्लैट खरीदा था. इसके लिए उन्‍होंने एसबीआई से लोन लिया था. उन्‍होंने गुरुग्राम में एक और फ्लैट बुक कराया था. यह पजेशन के लिए तैयार है. वह इस फ्लैट को बेचना चाहते हैं. इसकी बिक्री से मिली रकम से वह होम लोन खत्‍म कर देना चाहते हैं. उन पर किस तरह टैक्‍स देनदारी बनेगी?

डेलॉयट इंडिया में पार्टनर होम मिस्‍त्री कहते हैं कि अगर शौर्य पजेशन लेने से पहले घर को बेचते हैं तो फायदा उस स्थिति में लॉन्‍ग टर्म कैपिटल गेन में आएगा अगर उन्‍होंने इस पर कम से कम तीन साल अधिकार रखा है. इस पर 20 फीसदी की दर से टैक्‍स लगेगा. साथ ही लागू सरचार्ज और सेस भी वसूला जाएगा. ऐसा नहीं होने पर इस पर शॉर्ट टर्म कैपिटल गेंस के तौर पर उनकी इनकम पर लागू स्‍लैब रेट से टैक्‍स लगेगा.

वहीं, शौर्य अगर घर का पजेशन लेने के तुरंत बाद इसे बेचते हैं तो इस बात की ज्‍यादा संभावना है कि इसे शॉर्ट टर्म कैपिटल गेंस माना जाए. इस पर स्‍लैब रेट के अनुसार टैक्‍स लगेगा. शौर्य को कोई भी फैसला लेने से पहले इन पहलुओं को देख लेना चाहिए.

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ट्रेडिंग कितने प्रकार की होती है

ट्रेडिंग कितने प्रकार की होती है

ट्रेडिंग कितने प्रकार के होते है आपके मन मे भी ये सवाल जरूर आया होगा की आखिर स्टॉक मार्केट में कितने प्रकार की ट्रेडिंग होती है. मै आपको बता दू स्टॉक मार्केट में चार प्रकार की ट्रेडिंग होती है intraday trading. Swing trading. Short term trading. Long term trading. ये चार प्रकार की ट्रेडिंग कैसे की जाती है ये हम आज आपको बतायेंगे तो चलीये जानते है.शेअर मार्केट मे ट्रेडिंग कैसे होती है. और कितने प्रकार की होती है.

Intraday trading – इंट्राडे ट्रेडिंग

जब मार्केट 9 बजकर 15 मिनिट में शुरू होता है. और 3 बजकर 30 मिनिट मे बंद होता है. उस टाइम के अंदर आप जो कोई भी शेअर्स खरीद लेते है. या बेज देते है उसे इंट्राडे ट्रेडिंग कहा जाता है. यांनी की आपको इसी टाइम के अंदर शेअर्स खरीद लेना है और बेच देना है. अब हम जानते है इंट्राडे ट्रेडिंग के फायदे और नुकसान

इंट्राडे ट्रेडिंग के फायदे

इंट्राडे ट्रेडिंग मे आपको शेअर बाजार के उतार-चढाव के बारे मे पता होना बेहात जरुरी है. इंट्राडे ट्रेडिंग से अगर अच्छे स्टॉक का शेअर्स आप खरीद लेते है तो आप 8000 रुपये per day से भी ज्यादा कमा सकते हो

इंट्राडे ट्रेडिंग के नुकसान

इंट्राडे ट्रेडिंग मे जितना फायदा होता है उतना ही रिक्स और loss होता है,इस ट्रेडिंग मे आपको कोई ये नही बताएगा आखिर इंट्राडे मे ट्रेडिंग कैसे करे अगर आपके पास knowledge नही है और आप नये हो तो मेरी ये राय रहेगी आपके लिए ये ट्रेडिंग नही है. क्युकी नये लोग सबसे पहले यही ट्रेडिंग करना शुरू करते है और बाद में उनको असफलता मिलती है अब हम जानते है स्विंग ट्रेडिंग

Swing trading स्विंग ट्रेडिंग

इस ट्रेडिंग मे कोई भी स्टॉक खरीदकर कुछ दिनो मे या कुछ हप्तो के अंदर बेच सकते हो इसे स्विंग ट्रेडिंग कहा जाता है .इसे ट्रेडिंग किंग भी कहा जाता है. ये ट्रेडिंग इंट्राडे की तरह नही है लेकिन इसमे आप अपना टारगेट प्राईस लगाकर loss और profit को आसानी से झेल सकते हो

स्विंग ट्रेडिंग के फायदे

अगर आप नये हो तो सुरुवात मे आपको यही ट्रेडिंग करनी चाहिए तभी आप अच्छा स्टॉक select कर पाओगे और शेअर मार्केट के उतार और चढाव के बारे मे आसानी से और बारीकीसे जान पाओगे

स्विंग ट्रेडिंग के नुकसान

स्विंग ट्रेडिंग मे अगर आप अच्छे स्टॉक को नही चुन, पाओगे तो आपको लॉस ही होगा क्यूकी इस ट्रेडिंग मे अच्छे स्टॉक को चूनना बेहद जरूरी है ताकी आप ज्यादा दिन तक अच्छे से स्टॉक मे invest कर सके

Short term trading शॉर्ट ट्रम ट्रेडिंग

जब कोई ट्रेडिंग कुछ हप्तो से लेकर कूछ महिनो मे complete होता है.उसे शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग कहा जाता है शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग मे एक active trade investment हे आपको इसमे अपने स्टॉक पर नजर रखनी पडती है तभी आप अपने स्टॉक को minimise कर सकते है

शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग के फायदे

वैसे तो इस ट्रेडिंग मे आप अगर पुरी research के साथ stock स्सिलेक्ट करोगे तो आप अपने लॉस ओर प्रॉफिट को मिनिमाईज कर पावोगे

शॉर्ट ट्रेडिंग के नुकसान

अगर आप किसीके कहने पर या YouTube पर video देखकर किसी स्टॉक को खरीद लेते हो तो आपको पक्का लॉस ही होगा क्युकी आप जिस किसी भी स्टॉक को सिलेक्ट करते हो ऊस कंपनी के fundamentals के बारे मे हि आपको पता नही होता तभी आप लॉस मे जाते हो

Long term trading लॉंग टर्म ट्रेडिंग

अब आप इसके नाम से ही जान गये होंग आखिर लॉंग टर्म ट्रेडिंग क्या है. इस ट्रेडिंग में आप जो कोई स्टॉक एक साल या उससे ज्यादा के लिये खरीद लेते हो उसे लॉंग टर्म ट्रेडिंग कहा जाता है

लॉंग टर्म ट्रेडिंग के नुकसान और फायदे

इसमे अगर आप कोई अच्छा स्टॉक सिलेक्ट नही कर पाओगे तो आपको नुकसान होगा .और रिसर्च करके अगर सिलेक्ट करोगे तो आपको बहुत ज्यादा प्रॉफिट भी हो सकता है

दोस्तो आशा करता हु आपको यह आर्टिकल देहत पसंद आया होगा अगर आपका कोई सवाल है तो आप हमे नीचे comment मे जरूर बताये और इस आर्टिकल को ज्यादा से ज्यादा शेयर करे

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FAQ

ट्रेडिंग कितने प्रकार कि होती है

ट्रेडिंग चार प्रकार की होती है
1, Intraday trading
2, Swing trading
3, Short term trading
4, Long term trading

नमस्ते दोस्तों आपका स्वागत है आपको इस website पर शेयर मार्केट, म्यूचल फंड, शेयर प्राइस टारगेट, इन्वेस्टमेंट,से जुड़ी सभी प्रकार की जानकारी रिसर्च के साथ हिंदी मे दी जाएगी

Intraday Trading क्या है Intraday Trading Start कैसे करे ? 2021

हेलो दोस्तों आज मैं आपको बताऊंगा की Intraday Trading In Hindi क्या है Intraday Trading से हम पैसे कैसे कमा सकते हैं इंट्राडे ट्रेडिंग में स्टोक्स का सिलेक्शन कैसे करें या फिर Intraday Trading strategies कैसे बनाएं ये कुछ ऐसे सवाल है

जो हर एक इन्वेस्टर के मन में जरूर एक एक ना एक बार आता है क्योंकि हर कोई यह जरूर डे ट्रेडिंग के फायदे और नुकसान जानना चाहता है कि वह अपनी एक नई इनकम सोर्स कैसे जनरेट करें

तो आइए हम बात करते हैं Intraday Trading In Hindi बारे में यह एक नए इनकम सोर्स का भी जरिया हो सकता है यदि आप सावधानी और सतर्कता से और अपनी भावनाओं पर धैर्य बनाकर इंट्राडे ट्रेडिंग करते हैं तो

लॉकडाउन ने बहुत से लोग को शेयर मार्केट और इंट्राडे ट्रेडिंग की तरफ आकर्षित किया है क्योंकि हर कोई आजकल अपनी एक नई Income Source बनाना चाहता है और Intraday Trading करके आप कैसे पैसे कमा सकते हैं या फिर एक सफल ट्रेडर कैसे बन सकते हैं इसके बारे में पूरी जानकारी इस ब्लॉग पोस्ट के जरिए मैं आपको देना चाहता हूं तो चलिए सबसे पहले जानते है की Intraday Trading क्या है।

Table of Contents

Intraday trading क्या हैं

Intraday Trading में आप मार्केट टाइम के अंदर ही शेर को खरीदते या बेचते हैं या फिर बेचते और खरीदते है इसका मतलब यह है कि आपको शेयर को 9:15 से 3:30 के बीच में ही बेचना और खरीदना होता है।

इंट्राडे ट्रेडिंग में 9:15 से 9:30 के बीच में ही शेयर को बेचना या खरीदना होता है क्योंकि जब मार्केट बंद हो जाता है तो मार्केट को POSITION को पूरी तरह से NILL दिखाना होता है ताकि मार्केट बंद होने के बाद कोई भी Trade or Transaction बाकी ना रहे।

Intraday Trading जो कि देखने में बहुत ही आसान लगती है लेकिन इसका कड़वा सच यह है कि सिर्फ 10% लोग ही इंट्राडे ट्रेडिंग से पैसे बना पाते हैं और वह भी regular income के तौर पर नहीं तो बाकी 90% लोग अक्सर लालच में आकर Intraday Trading के माध्यम से शेयर बाजार में अपने पैसों को गंवा बैठते हैं कड़वा है लेकिन 101% सच है।

Advantages of intraday trading (इंट्राडे ट्रेडिंग के फायदे)

Advantages of intraday trading in hindi या intraday trading के कौन-कौन से फायदे हैं जो ज्यादातर लोगों को अपनी तरफ आकर्षित करते हैं इंट्राडे में ऐसी खूबियां है जो आम निवेशकों को इंट्राडे ट्रेडिंग करने के लिए इच्छुक बनाती हैं जैसे कि

1.DAILY INCOME :- इंट्राडे ट्रेडिंग के द्वारा आप अपनी लगभग daily income भी बना सकते हैं मेरा कहने का मतलब यह है कि भले ही आप एक या 2 दिन घाटे में जा सकते हैं लेकिन अपनी पूरी कोशिश रखनी है कि आप ज्यादा से ज्यादा दिन डे ट्रेडिंग के फायदे और नुकसान मुनाफे में रहे तभी आप daily income मना पाएंगे। इंट्राडे ट्रेडिंग से लोग लगभग 1 घंटे में अपनी रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने जितना पैसा बना लेते हैं।

2.NO BOSS :- इंट्राडे ट्रेडिंग का दूसरा फायदा यह होता है कि आपका कोई BOSS नहीं होता जो आपको दबाव बनाए| मतलब आप अपनी इच्छा के अनुसार जीवन जीते हैं आपको किसी के भी ORDER सुनने की आवश्यकता नहीं होती है आपको सिर्फ मार्केट को समझने की आवश्यकता।

3.NO PLACE RESTRICTION :- यदि आप इंट्राडे ट्रेडिंग करते हैं तो आपको यह पता होगा कि अब दुनिया के किसी भी कोने में बैठ कर आराम से ट्रेडिंग कर सकते हैं बस आपको एक मोबाइल या लैपटॉप और एक अच्छा इंटरनेट नेटवर्क चाहिए होगा जिसकी वजह से आप दुनिया में कहीं पर किसी भी तरह बैठ कर पैसा बना सकते हैं।

Intraday Trading के कुछ और भी फायदे हैं जो कि मार्केट से से संबंध रखते हैं डे ट्रेडिंग के फायदे और नुकसान जैसे कि

1. Intraday Trading में आप शेयर की PRICE बढ़ने पर अर्थात BULL MARKET और शेयर की PRICE घटने अर्थात BEAR MARKET दोनों ही तरह की MARKET FLUCTUATIONS मैं पैसे बना सकते हैं या TRADE कर सकते हैं।

2. Intraday Trading में ब्रोकर आपको 20 गुना तक का MARGIN भी देता है जिससे कि आप कम CAPITAL लेकर भी पैसा कमा सकते हैं।

3. क्योंकि इंट्राडे ट्रेडिंग के दौरान ही TRADE खत्म हो जाती है जिससे कि आपको मार्केट बंद होने के बाद उस शहर के बढ़ने या घटने से ना तो कोई डर रहता है और ना ही कोई प्रसन्नता या चिंता।

DISADVANTAGES OF INTRADAY TRADING ( इंट्राडे ट्रेडिंग के नुकसान)

DISADVANTAGES OF INTRADAY TRADING IN HINDI इंट्राडे डे ट्रेडिंग के फायदे और नुकसान ट्रेडिंग में आम व्यक्ति को या फिर आम निवेशक को उसके पैसों को खोने के लिए बहुत ही मुख्य रूप से जिम्मेदार है जैसे कि

1. LOSS:-इंट्राडे ट्रेडिंग में LOSS होने के बहुत से कारण होते हैं अगर आप इन कारणों पर ध्यान नहीं देंगे और उन गलतियों को नहीं सुधरेंगे तो आप भी शायद उन 90% लोगों में से एक होंगे क्योंकि यही सच है।

2.ADDICTION:- इंट्राडे ट्रेडिंग का सबसे बड़ा नुकसान यह होता डे ट्रेडिंग के फायदे और नुकसान है कि हम और आप जैसे लोगों को इसकी आदत लग जाती है जो की बहुत ही घातक है क्योंकि हर कोई अगर प्रॉफिट होता है और ज्यादा प्रॉफिट बनाने की सोचता है, और अगर LOSS होता है तो उस LOSS को cover करने की सोचता है जिससे कि वह कई बार हद से ज्यादा हतोत्साहित भी हो जाते हैं।

3.HEALTH ISSUE:-अगर आप पूरा दिन अपने COMPUTER SCREEN के सामने बैठे रहते हैं और मार्केट को UP OR DOWN देखते रहते हैं तो यह आपकी health पर बहुत ही घटिया प्रभाव डालता है जिससे कि आप depression ,stress और tension के मरीज बन जाते हो।

Intraday Trading में loss होने के कई मुख्य कारण हो सकते हैं

1.No Risk Management:- इंट्राडे ट्रेडिंग बंद होने का सबसे मुख्य कारण हो सकता है कि आपका गलत risk management plan जिससे कि आप ज्यादा प्रॉफिट बनाने की चाह में risk पर risk लेते रहते हैं और अपनी पूंजी को भी डूबा बैठते हैं।

2.No Money management:- दूसरा कारण हो सकता है कि इंट्राडे ट्रेडिंग करने से पहले आप अपने पैसों का अच्छी तरह से मैनेजमेंट नहीं कर पाते हैं कि आपको आज डे ट्रेडिंग के फायदे और नुकसान कितने पैसों से कितने ट्रेड खरीदने हैं और कितने क्वांटिटी पर ट्रेड करना है| जिससे कि आप अपने ज्यादा से ज्यादा पैसों को कई बार अत्यधिक रिस्क पर लगा बैठते हैं और खो बैठते हैं।

3. Sightless trading:- जब आप कुछ बिना सोचे समझे मार्केट में रेड करते हैं तो आप मार्केट में ट्रेड करने नहीं जा रहे हैं आप मार्केट में सट्टा लगाने जा रहे हैं जो की आंख बंद करके किया जाता है जिसमें आपका हारना लगभग तय होता है| इसलिए अपने पैसों को सुरक्षित करने के लिए आपको मार्केट के trend के बारे में और basics के बारे में जानकारी ले लेनी चाहिए।

4. जब आप मार्केट में किसी के द्वारा दी गई TIPS या किसी के द्वारा सुझाए गए स्टॉक्स या फिर गलत TRADE NEWS पर Trade करते हैं इस मामले में आपके पैसों का जोखिम से निकल पाना या फिर डूबना 100% तय है।

Mistakes In intraday Trading

1 Intraday Trading में पहली सबसे बड़ी गलती जो कि हम अक्सर ट्रेडिंग करते वक्त करते हैं वह होती किसी भी तरह के SYSTEM OR RULE या STRATEGIES को FOLLOW ना करना और अपने मनमाने तरीके या ढंग से स्टॉक मार्केट में ट्रेडिंग करते रहना| लोगों को यह क्यों नहीं समझ आता कि बिना STRATEGIES के स्टॉक मार्केट में पैसा नहीं बनाया जा सकता।

2. Intraday Trading करने के लिए एक अच्छे MINDSET का होना बहुत जरूरी होता है यदि आप कल के हुए लोग को कवर करने के लिए आज PRESSURE के साथ ट्रेडिंग करते हैं या फिर खराब MOOD के साथ ट्रेडिंग करते हैं तो यह आपको ट्रेडिंग में LOSS का सामना करा सकता है जिससे कि डे ट्रेडिंग के फायदे और नुकसान आप भविष्य में पैसों को खोकर दोबारा शेयर बाजार की तरफ नहीं देखते हैं जो कि बहुत ही गलत है।

3 तीसरे सबसे बड़ी गलती जो हम किसी ट्रेडिंग के दौरान करते हैं वो यह होती है कि हम किसी की TIPS OR ADVISE के according trade करते हैं और आपको तो पता ही होगा कि बिना जानकारी के या फिर बिना मेहनत के मिलने वाली टिप्स आप को भारी नुकसान पहुंचा सकती हैं और शायद पहुंचाया भी होगा।

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